Imran Khan death rumors in Adiala Jail and Pakistan civil war threat news graphic
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इस्लामाबाद: पाकिस्तान से एक ऐसी खबर उड़ती हुई रही है जिसने पूरी दुनिया के कान खड़े कर दिए हैं। क्या पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान (Imran Khan) अब इस दुनिया में नहीं रहे? क्या रावलपिंडी की अदियाला जेल में उनकी हत्या कर दी गई है?  क्या इमरान खान अब इस दुनिया में नहीं रहे?

पाकिस्तान तहरीक--इंसाफ (PTI) के कार्यकर्ताओं और कुछ अफगानी पत्रकारों के दावों ने सोशल मीडिया पर भूचाल ला दिया है। दावा किया जा रहा है कि जेल में इमरान खान को इतना टॉर्चर किया गया कि उनकी जान चली गई और उनकी लाश को चुपके से शिफ्ट कर दिया गया है। हालांकि, पाकिस्तान सरकार और जेल प्रशासन इसका खंडन कर रहे हैं, लेकिन 'प्रूफ ऑफ लाइफ' (जिंदा होने का सबूत) मिलने से रहस्य गहराता जा रहा है।

अफवाह या सच्चाई: क्या है पूरा मामला?

पिछले तीन हफ्तों से इमरान खान की कोई खबर बाहर नहीं आई है।

  • परिवार की चिंता: इमरान खान के बेटे कासिम और उनकी बहनों ने जेल प्रशासन से मांग की है कि उन्हें इमरान के जिंदा होने का सबूत दिया जाए।
  • नेताओं को रोका गया: खैबर पख्तूनख्वा के मुख्यमंत्री सोहेल अफरीदी ने जेल के बाहर 16 घंटे तक धरना दिया, लेकिन उन्हें भी इमरान से मिलने नहीं दिया गया। यह आठवीं बार था जब उनकी मुलाकात खारिज की गई।
  • दावा: पीटीआई समर्थकों का कहना है कि एस्टैब्लिशमेंट (पाकिस्तानी सेना) ने इमरान को रास्ते से हटा दिया है और अब वे सही समय का इंतजार कर रहे हैं ताकि जनता के गुस्से को संभाला जा सके।

इमरान खान: सेना की आंख की किरकिरी क्यों?

इमरान खान की सबसे बड़ी गलती यह थी कि उन्होंने पाकिस्तान को चलाने वाली असली ताकत पाकिस्तानी सेना (Pakistani Army) को चुनौती दे दी।

  1. खुला खुलासा: प्रधानमंत्री रहते हुए इमरान ने स्वीकार किया था कि देश की राजनीति सेना ही चलाती है। एक पीएम के मुंह से यह सुनना ग्लोबल मीडिया और भारत के लिए बहुत बड़ा मसाला था, जिससे पाकिस्तानी सेना की अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बहुत बेइज्जती हुई।
  2. भारत से ट्रेड बंद: इमरान खान ने भारत के साथ हर तरह का व्यापार बंद कर दिया था। इसका नतीजा यह हुआ कि पाकिस्तान में महंगाई आसमान छूने लगी। वहां की जनता टमाटर और आटे के लिए तरस गई। सेना चाहती थी कि भारत से रिश्ते थोड़े सुधरें ताकि हालात सामान्य हों, लेकिन इमरान अड़े रहे। यह फैसला सेना और इमरान के बीच टकराव का बड़ा कारण बना।

'पिंकी पीरनी' और काला जादू: आईएसआई का कनेक्शन?

इमरान खान की निजी जिंदगी भी कम विवादित नहीं रही है। उनकी तीसरी पत्नी बुशरा बीबी, जिन्हें पाकिस्तान में 'पिंकी पीरनी' के नाम से जाना जाता है, पर भी गंभीर आरोप हैं।

  • जादू-टोना: पाकिस्तानी मीडिया और विपक्ष का आरोप है कि बुशरा बीबी इमरान के राजनीतिक फैसलों को 'काले जादू' और 'जिन्नों' के जरिए प्रभावित करती थीं।
  • ISI लिंक: सूत्रों का कहना है कि पूर्व ISI चीफ फैज़ हमीद बुशरा बीबी के जरिए इमरान खान को नियंत्रित करते थे। बुशरा उन्हें 'आध्यात्मिक आदेश' देती थीं, जो असल में ISI का एजेंडा होता था। अब यह सब इमरान के खिलाफ इस्तेमाल हो रहा है।

100 से ज्यादा मुकदमे: प्रतिशोध की राजनीति

इमरान खान पर इस समय 100 से ज्यादा मुकदमे चल रहे हैं। इनमें से कुछ तो बेहद हास्यास्पद हैं:

  • घड़ी चोरी (Toshakhana Case): सरकारी खजाने से घड़ी चुराकर बेचने का आरोप।
  • गैर-इस्लामिक निकाह: अपनी पत्नी बुशरा बीबी से शादी को ही अवैध बताया गया है।
  • देशद्रोह और आतंकवाद: ऑफिशियल सीक्रेट एक्ट और 9 मई की हिंसा के मामले।

इतने मुकदमे तो पाकिस्तान की उम्र भी नहीं है, जितने एक अकेले आदमी पर लाद दिए गए हैं। यह साफ दिखाता है कि एस्टैब्लिशमेंट उन्हें किसी भी हाल में जेल से बाहर नहीं आने देना चाहता।

गृह युद्ध (Civil War) का खतरा: पाकिस्तान बारूद के ढेर पर

विशेषज्ञों का मानना है कि अगर इमरान खान की मौत की खबर सच साबित हुई, तो पाकिस्तान में गृह युद्ध (Civil War) छिड़ जाएगा।

  • दो फाड़ हुआ देश: पाकिस्तान की जनता दो हिस्सों में बंट चुकी है एक 'प्रो-इमरान' और दूसरा 'एंटी-इमरान' इमरान के समर्थक मरने- मारने पर उतारू हैं।
  • सेना का लिटमस टेस्ट: कुछ जानकारों का यह भी कहना है कि हो सकता है सेना खुद ये अफवाहें फैला रही हो। वे देखना चाहते हैं कि अगर सच में इमरान मर जाते हैं, तो जनता का रिएक्शन क्या होगा? क्या वे संभाल पाएंगे या नहीं?

विश्लेषण: पाकिस्तान का भविष्य अंधकारमय

'राजनीतिक रिपोर्ट' का विश्लेषण यह है कि पाकिस्तान ने एक बहुत खतरनाक रास्ता चुन लिया है। एक लोकप्रिय नेता को जेल में बंद करके या उसे मारकर कोई भी देश स्थिर नहीं रह सकता। इमरान खान का होना या होना अब सिर्फ एक व्यक्ति का मुद्दा नहीं है, यह पाकिस्तान के अस्तित्व का सवाल बन गया है। जो देश नफरत की बुनियाद (भारत विरोध) पर बना हो, वह अंत में अपनी ही नफरत की आग में जलता है। इमरान खान उसी नफरत और एस्टैब्लिशमेंट के खेल का शिकार हुए हैं, जिसका हिस्सा कभी वे खुद थे।

आज पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था डूबी हुई है, बॉर्डर पर TTP (तालिबान) का खतरा है और देश के अंदर गृह युद्ध के हालात हैं। अगर ऐसे में इमरान की मौत की खबर कन्फर्म होती है, तो पाकिस्तान के टुकड़े होने से शायद अल्लाह भी बचा पाए।

निष्कर्ष

इमरान खान जिंदा हैं या नहीं, यह रहस्य अभी बना हुआ है। लेकिन एक बात तय है पाकिस्तान की राजनीति में सेना का दखल और प्रतिशोध की भावना ने इस मुल्क को खोखला कर दिया है। दुनिया की नज़रें अब अदियाला जेल पर टिकी हैं, जहाँ से निकलने वाली एक खबर पूरे दक्षिण एशिया की जियो पॉलिटिक्स को बदल सकती है।


डिस्क्लेमर: इस पोस्ट में इस्तेमाल की गई सभी तस्वीरें AI (Artificial Intelligence) द्वारा बनाई गई हैं और केवल प्रतीकात्मक (Representational) उद्देश्य के लिए हैं।